love (prem)
प्रेम ..
भाग ~ 13
#निजी_और_गुप्त_जानकारियां ।
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फौजी का अपने मुल्क के प्रति जो लगाव है वही तो प्रेम है ।जब भारत की रक्षा की बात आती है तो सेनाओं की भागीदारी सर्वोपरि होती है।आदिम काल से आधुनिक युग तक आर्मी के द्वारा ही दुनिया मे वर्चस्व स्थापित हो पाया है ।चाहे बात सल्तनतों ,रियासतों की हो या फिर किसी भी देश की हो ।हमने कई खुफिया ऑपेरेशन आधारित फिल्में या वेब सीरीज देखी हैं जिसमें जवानों या टीम की जानकारी सैन्य विभाग या गुप्तचर संस्था के सिवा किसी को भी नहीं दी जाती क्योंकि इनके सार्वजनिक होने से उनके निजी जीवन और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा रहता है ।
हाल ही मैं आपने विंग कमांडर अभिनन्दन साहब की वीरता के बारे में सुना ही होगा ,जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में निजी जानकारी नहीं दी पाकिस्तानी सेना को ।देश के दुश्मनों के लिए हमारे आर्मी कैम्प ,एयर फोर्स स्टेशन ,खुफिया एजेंट्स आदि की जानकारी क्यों महत्व रखती है , इस बात का अंदाजा हम लगा सकते हैं । इन गुप्त जानकारियों को छुपाकर रखना देश की सबसे बड़ी आवश्यकता है ।वर्तमान में बड़े-बड़े देशों का अधिक धन व्यय साइबर खतरों से बचने के लिए भी हो रहा है ।
ये सब गुप्त जानकारियों के प्रति प्रेम ही तो है कि हर सरकारी व गैर -सरकारी बॉडी द्वारा किसी भी हालत में इन्हें सार्वजिक नहीं होने दिया जाता। पिछले कई सालों से हनी ट्रैपिंग बढ़ी है ,जिसमें सोशल मीडिया पर आपसे कोई महिला मित्र जुड़ती है और कई दिनों तक आपके निकट होकर और आपके व्यक्तिगत जीवन मे घुसकर आपको ब्लैकमेल करना शुरू कर देती है । ये सब मामले राष्ट्रीय सुरक्षा को क्षतिग्रस्त करने के लिए भी हो रहे हैं जब हमारे कई फौजी जवान इस चंगुल में आ जाते हैं ।फौजियों से इनका दोस्ती करने का मुद्दा यही होता है कि कैसे न कैसे करकर इनकी यूनिट्स ,गोलाबारूद शिविरों आदि का पता लगा सके ।यही वजह रहती है कि फौजियों को सोशल मीडिया और स्मार्ट फ़ोन से दूर रखा जाता है और घर वालों को भी फ़ौज से सम्बंधित कुछ बताने से रोका जाता है खासकर के फील्ड फायर में और आरआर(राष्ट्रीय राइफल) काटने के दौरान ।
असल मे तो मैंने भी नहीं देखा लेकिन फिल्मों और वेब सीरीज में देखा है कि कोई आंतकवादी अकेला सिपाहियों के बीच फंस जाए तो वह खुद को गोली मार लेता है क्योंकि वह अपने अड्डों व टीम के साथियों की गुप्त जानकारी नहीं देता । ठीक इसी तरह हमने देखा है कि कोई गुप्तचर अगर पकड़ा जाता तो वह अंगूठी में जहर रखता था और उसे खा लेता ,वजह यही रहती कि अगर पकड़ा गया तो उसे अपने ठिकानों ,किलों या सैन्य अड्डो के बारे में बताना पड़ेगा ।
जब देश का कोई जवान किसी ऑपरेशन में दुश्मनों को मारता है तो वह केवल उसकी ही जीत नहीं होती ,जबकि पूरे देश की जीत होती है । अगर उनकी कोई तस्वीर अख़बार या न्यूज चैनल प्रकाशित कर देता है तो हमारा फर्ज बनता है कि हम उस तस्वीर तक ही सीमित रहे और देश के जवानों का जयकारा करते रहें । अगर हम उस जवान का नाम अपने हिसाब से खान ,कुमार ,चौधरी ,सिंह आदि में बांटते हैं तो यह हमारी मूर्खता से ज्यादा कुछ नहीं । फौजी का धर्म देश की रक्षा करना है ,जो सर्वोपरि है ।
अगर फिर भी हमें उनका नाम मीडिया द्वारा पता लग जाता है तो हमारा फर्ज बनता है कि हम उनकी निजी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा ना करें क्योंकि यह कृत्य उस जवान के लिए ख़तरा बन सकता है ।आपको याद होगा भारतीय सेना में राइफलमैन औरंगजेब का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था ।माना जाता है कि वह वीडियो आतंकियों ने उनकी हत्या से पहले सूट किया था ।वीडियो में आतंकी उन मुठभेड़ों के बारे में पूछताछ कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने हिस्सा लिया था।औरंगजेब ईद की छुट्टी मनाने गए थे और वहीं से उनको अगवा कर लिया था। यह सब तभी सम्भव हो पाया जब आतंकियों तक उनकी निजी जानकारी गयी ,वरना वो लोग आर्मी कैम्प में तो घुसने की जरूरत भी नहीं करते । अकेला आदमी बिना हथियारों के किसी भी समूह में कमजोर पड़ जाता है चाहे वह फौजी हो या आम आदमी ।
जब फौजी भर्ती होता है तो उसे ट्रेनिंग के बाद आई कार्ड दिया जाता है ,जो उसके नौकरी लगने और फ़ौज में उसकी जानकारी होने की एकमात्र पहचान होती है । फौजी को अपने आई कार्ड से बेहद प्रेम होता है । इस आई कार्ड में फौजी की निजी जानकारी होती है जिसे खोने पर वह सजा का हकदार भी होता है । इस बात पर विशेष जोर दिया जाता है कि वह इस आई कार्ड को जान से ज्यादा सम्भालकर रखे क्योंकि आतंकियों का निशाना ज्यादातर इस आई कार्ड पर भी होता है ।एक फौजी हमेशा सार्वजिक स्थलों व सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी साझा करने से दूर रहता है यहां तक कि कई बार सोशल मीडिया पर फ़ौज की ड्रेस में फ़ोटो लगाने पर अफसरों द्वारा कार्यवाही भी हो जाती है ।
यह प्रेम ही तो है एक फौजी द्वारा अपनी निजी जानकारी को छुपाना । प्रेम अनन्त है ,यह हर जगह है ।अगर देश का जवान अपनी निजी जानकारी को छुपाकर राष्ट्र सुरक्षा के लिए अपनी जान पर खेल जाता है तो फिर हम क्यों उनकी निजी जानकारी सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से बाज़ नहीं आते ? हर फौजी के परिवार होता है ,इसलिए आप ऐसी गलती ना करें जिससे उसका परिवार उजड़ जाए ।अपने मुल्क से मुहब्बत करना सर्वोपरि है ,इसके लिए जान भी न्योछावर है । योद्धा देश की सीमा पर लड़ने वाला भी होता है और देश के अंदर बुराइयों से लड़ने वाला भी है । अगर आपका छोटा सा छोटा कदम देशहित मे है तो यकीन मानिए आप भी योद्धा हैं, आप भी देश प्रेमी हैं ।
खैर , अपने मुल्क से मुहब्बत कीजिये और फौजी भाइयों की निजी जानकारी साझा करने से पूर्णतया दूर रहिये । अगर आपने पहले भूलवश शेयर भी की है तो उसे काट दीजिये और दूसरे लोगों को भी इसके बारे में जागरूक कीजिये ।
✍️Navedkhan


Hi guys
ReplyDeleteI am new I have no idea how to write blog please tell me please
ReplyDeleteHi guys
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